હોસ્ટેલ ની યાદો
घर जाने के बाद भी घर की याद आएगी है - 2
कमबख्त हमें हॉस्टल की बहुत याद आएगी
ना शुखी रोटी है ना पानी वाली दाल है
घर पे तो मा के हाथो के पकवान है
बस उन कमी ने दोस्तो की शकले याद आएगी
कमबख्त हमें हॉस्टल की बहुत याद आएगी
Zometo और swiggy से चलती अपनी गाड़ी थी-2
निकलते थे बाहर जब सड़के सारी खाली थी
चाई की किटली पर की गई हर बात याद आएगी
कमबख्त हमें हॉस्टल की बहुत याद आएगी
हर रोज सुबह उठकर नहाता कोंन था
वो बाथरूम बेसुरा गीत गाता कोन था-2
देर रात तक कि गई पधायी याद आएगी
कमबख्त हमें हॉस्टल की बहुत याद आती है
लोग जायदा और खाना कम होता था
साला वहां अकेले रोने कोन देता था
दोस्तो से कि हुई उधारी याद आएगी
कमबख्त हमें हॉस्टल की बहुत याद आएगी
लड़ते थे जगड़ते थे गालियां दे ते थे
हस्ते थे रोते थे 2
पेट तो सिर्फ दाबेली समोसा और वड़ापाव से भरते थे
उस घर की हर दीवार याद आयेगी
कमबख्त हमें हॉस्टल की बहुत याद आएगी
घर जाने के बाद भी घर की याद आएगी
कमबख्त हमें हॉस्टल की बहुत याद आती है
યાદ તમારી અમને રે આવશે અંતર થશે સુના રે


Please do not enter any spam link in the comment box